शराब दुकान के विरोध में महिलाओं की गांधीगिरी..शराबियों को फूल देकर बोलींं-भैया दुकान हटाने में समर्थन करो; बंद नहीं होने तक आंदोलन जारी की चेतावनी Featured

बोलता गांव डेस्क।।IMG 20220322 165358

छत्तीसगढ़ के कोरबा में शराब दुकान का महिलाओं ने गांधीवादी तरीके से विरोध किया है। महिलाओं ने दुकान में शराब लेने पहुंचे लोगों को फूल देकर समर्थन मांगा है कि आप लोग ही समर्थन कर दीजिए कि यहां शराब दुकान बंद हो जाए। ये बहुत ही हानिकारक है। यहां महिलाओं ने एक के बाद एक कई लोगों को गुलाब देकर समर्थन मांगने की कोशिश की। जिसके बाद शराबी भी शर्मा गए और उन्होंने गुलाब ही नहीं लिया। कुछ तो वहां से भाग तक गए। वहीं एक शख्स ने हाथ तक जोड़ लिया।

 

दरअसल, जिले के रामपुर इलाके में सरकारी देसी शराब दुकान है। जिसे 2 साल पहले शुरू किया गया है। मगर अब इस शराब दुकान का लोगोंं ने विरोध शुरू कर दिया है। खासकर महिलाओं ने विरोध का अलग ही तरीका अपना लिया है। मंगलवार को सुबह 10 बजे के आस-पास बड़ी संख्या में महिलाएं और रामपुर इलाके में रहने वाले लोग शराब दुकान के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 

सबसे पहले तो महिलाओं ने दुुकान के बाहर ही जमकर नारेबाजी की। फिर एक-एक कर महिलाएं गुलाब का फूल लेकर दुकान में गईं और दुकान कर्मचारियों से भी समर्थन मांगने लगीं। इसके बाद जो लोग वहां शराब लेने पहुंचे रहे थे। उन्हें भी गुलाब दिया और उनसे समर्थन मांगने लगीं। कहने लगीं भैया ये शराब बहुत खतरनाक है। हम लोग यहां इस दुकान की वजह से परेशान हैंं। आप लोग ही समर्थन कर दीजीए कि दुकान बंद हो जाए। जिसके बाद कुछ शराबी शर्माकर दुकान से जल्द ही वापस लौट गए।

 

इलाके का माहौल बिगड़ रहा

 

महिलाएं क्षेत्र के बीजेपी पार्षद चंद्रलोक सिंह की अगुवाई में विरोध करने पहुंची हैं। उनका कहना है कि इस दुकान की वजह से रोज यहां का माहौल बिगड़ रहा है। शराबी शराब पीकर हंगामा करते हैं। महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ की जाती है। मारपीट की घटना भी बढ़ी है। इसलिए हमारी मांग है कि इस दुकान को बंद करना चाहिए।

 

बंद नहीं होने तक आंदोलन की चेतावनी

 

महिलाओं ने कहा है कि अब जब तक दुकान बंद करने का फैसला नहीं होता। तब तक हम इसी तरह से प्रदर्शन करेंगे। यदि मंगलवार शाम को भी हमारी मांगों को नहीं सुना जाता तो अगले दिन भी यह प्रदर्शन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में महिलाओं के अलावा क्षेत्र के पुरुष भी शामिल होने पहुंचे थे।

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